मुस्कुराते हैं हम, मगर अंदर से वीराने।
छाव ठंडी ही दूंगा, बेशक पत्तो में कड़वाहट हो गई…!
पर मैंने तुम्हें उन लोगों में कभी गिना ही नहीं था…!!
शिकायत हमसे है, या किसी और से मुलाकात हो गई…!
करनी नही आती तुम्हे मोहब्बत फिर भी करते हो,
अब ना भटकते हैं, ना रोते—बस बदल चुके हैं।
निगाहों में अभी तक कोई चेहरा ही नही आया,
इसे अन्य कई भाषाओं में भी पढ़ा एवं सुना जा सकता है, ज्यादातर सेड शायरी हिंदी Sad Shayari in Hindi भाषा में प्रसिद्ध है और इसे पसंद करने वालो में भारतीय नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा है.!!!
कौन कहता है बरबादी किसी के काम नहीं आती
तेरी यादों के साये मुझे हर रोज़ जलाते हैं।
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इतना ही गुरुर था तो ए-बेवफा मुकाबला इश्क का करती,
वो मुस्कुरा देती है ताकि कोई दर्द पहचान न पाए,
वरना कुछ पल का साथ तो जनाजा उठाने वाले भी देते है…!